भारत में Bitcoin का फ्यूचर क्या है | Future of Bitcoin in India in Hindi

इस आर्टिकल हम जानेगे की bitcoin या यु कहो की क्रिप्टो करेंसी का भारत में क्या भविष्य है और भारत सरकार ,इस क्रिप्टो करेंसी को कब लागु करेगी तो क्या bitcoin सुरक्षित है क्या हमें bitcoin में निवेश करना चाहिए इन तमाम सवालो के जवाब हमने इस आर्टिकल के माध्यम से बताया है तो आइये जानते है भारत में Bitcoin का फ्यूचर क्या है.

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भारत में Bitcoin का फ्यूचर क्या है (Future of Bitcoin in India in Hindi)

दोस्तों भारत में अभी पूरी तरह क्रिप्टो को रेगुलेट नहीं किया गया है जब तक सरकार क्रिप्टो को लेकर कोई बिल पास नहीं करेगी और क्रिप्टो को लेकर कोई कानून नहीं बनाएगी तब तक bitcoin जैसे अन्य क्रिप्टो करेंसी भारत में लागु नहीं हो सकती है ,भारत सरकार क्रिप्टो करेंसी को लेकर काफी समय से विचार विमर्श कर रही है विशेषज्ञ की माने तो क्रिप्टो निवेश की द्रष्टि से इन्वेस्टर को फ़ायदा का सौदा साबित हो सकता है और अभी भारत में क्रिप्टो इन्वेस्टर की संख्या करोड़ो में है चुकी पूरी दुनिया में क्रिप्टो करेंसी यानि की bitcoin को Transaction और अन्य कामो के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

भारत सरकार bitcoin को लागु क्यों नहीं कर रही :

भारत सरकार जब तक क्रिप्टो पर कोई कानून नहीं लती तब तक क्रिप्टो करेंसी भारत में लागु नहीं हो सकती क्योकि क्रिप्टो decentralize करेंसी है और इस करेंसी पर सरकार का कोई कण्ट्रोल नही होता है इस पर सरकार क्रिप्टो को लाने के पहले इसके भविष्य में होने वाले इस्तेमाल को लेकर विचार विमर्श करेगी तभी इसे पूरी तरह लागु करेगी.

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क्या bitcoin सुरक्षित है :

bitcoin एक क्रिप्टो करेंसी है ना इसे छु सकते है ना ही देख सकते है यह एक डिजिटल करेंसी है यह नोट और सिक्के की तरह सॉलिड नहीं है बात करे bitcoin यानी की क्रिप्टो सुरक्षित है या नहीं तो आपको बता दे की क्रिप्टो का इस्तेमाल अन्य कई देशो में किया जा रहा है लेकिन देख जाये तो क्रिप्टो का इस्तेमाल गलत कामो के लिए इस्तेमाल किया जाता है और अच्छे कामो के लिए भी स्तेमाल किया जाता है और क्रिप्टो करेंसी को सुरक्षित माना गया है अगर कोई भी सरकार इस पर rules and regulation लाती है तो यह करेंसी सुरक्षित मानी जाएगी.

क्या है bitcoin की future value :

दोस्तों जब 2009 में क्रिप्टो करेंसी को लांच किया गया था तब इसकी किम्मत लगभग जीरो थी फिर इसकी किम्मत धीरे धीरे बढती गयी और आज 2021 और 2022 में 1 bitcoin की किम्मत लगभग 40 लाख के ऊपर है इसकी प्राइस वैल्यू कम ज्यादा होते रहती है लेकिन अगर इसके भविष्य की बात करे तो विशेषज्ञों का मानना है क्रिप्टोकरेंसी यानी की bitcoin की किम्मत बड़ने वाली है

क्रिप्टो करेंसी की इस दुनिया में कोई भी क्रिप्टो करेंसी उछाल ले सकती है जैसे की आपने देखा होगा दुनिया के सबसे आमिर इन्सान एलोन मस्क ने अपने ट्विटर अकाउंट में dogecoin का जिक्र किया तो बड़े बड़े इन्वेस्टर ने dogecoin में निवेश किया थे वैसे ही कोई भी क्रिप्टो करेंसी की किम्मत बड और घट सकती है.

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क्या हमें bitcoin में निवेश करना चाहिए :

दोस्तों इस पूरी दुनिया में लगभग 5000 क्रिप्टो करेंसी है और करोडो लोग कोई ना कोई क्रिप्टो में कर रहे होते है क्रिप्टोकरेंसी में कुछ टॉप क्रिप्टोकरेंसी है जिनमे -bitcoin ,Ethereum ,cardano , binance , tether ,जैसे क्रिप्टो में लोग ज्यादा निवेश कर रहे है विशेषज्ञ की माने तो निवेशको में वैल्यू करेंसी में इन्वेस्ट करना चाहिए क्योकि यहाँ वोलाटिलिटी कम होती है जिससे निवेश को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है हमारी राय यही होगी की आप bitcoin और Ethereum जैसे क्रिप्टो में निवेश कर सकते है कोशिस भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य करे की जब क्रिप्टो की वैल्यू कम हो तब आपको निवेश करना सही रहेगा.

बिटकॉइन इतना महंगा क्यों है :

बिटकॉइन की किम्मत अभी 40 लाख के ऊपर है और अभी बिटकॉइन में गिरावट आई है क्योकि इसकी डिमांड कम हो गयी थी जैसे ही इसकी demand बढती है इसकी प्राइस भी बढती है जैसे आप जानते है बिजनेस में demand बढती है तो supply भी बढती है लेकिन बिटकॉइन के पुरे समय की बात करे तो इसकी demand बड़ी है क्योकि जब बिटकॉइन आया था तब इसकी किम्मत लगभग जीरो थी और आज 13 साल बाद 1 बिटकॉइन की किम्मत 40 लाख के पार पहुच चुकी है

यह ब्लाक चैन पर आधारित है जिसकी आने वाले समय में demand बहुत ज्यादा होने वाली है इसका उपयोग गलत कामो और अच्छे कामो में भी किया जाता है क्योकि इसका इस्तेमाल ब्लैकमनी, हवाला, ड्रग्स की खरीद-बिक्री, टैक्स चोरी और आतंकी गतिविधियों किया जाता है एसी बाते सुनने में आती रहती है अगर दुनिया के सारे transaction बिटकॉइन से होने लगे तो फ्यूचर में इसकी किम्मत करोड़ो में होगी.

Q : इंडिया की क्रिप्टो करेंसी कौन सी है?

Ans : इंडिया की कोई स्पेसिफिक क्रिप्टो करेंसी नहीं है

Q : कौन सी क्रिप्टोकरेंसी खरीदनी चाहिए?

Ans : जैसे की आप जानते है क्रिप्टोकरेंसी ने टॉप बिटकॉइन करेंसी ही है इसके साथ एथेरियम करेंसी भी दुसरे नंबर पर आती है ये 2 करेंसी में आप निवेश कर सकते है क्योकि इसकी demand फ्यूचर में बड़ने वाली है.

Q : सबसे सस्ती क्रिप्टो करेंसी कौन सी है?

Ans : सबसे सस्ती क्रिप्टो करेंसी शिबा इनु है जिसकी प्राइस अभी 0.002 है एक शिबा इनु की किम्मत है

Q : बिटकॉइन का मालिक कौन है?

Ans : बिटकॉइन का मालिक नहीं है यह ब्लाकचैन पर आधारित एक करेंसी है

Q : बिटकॉइन कौन से देश का है?

Ans : बिटकॉइन जापान की करेंसी है

Q : भारत में कितने क्रिप्टोकरेंसी निवेशक है?

Ans : भारत में अभी 10 करोड़ भारतीय निवेशक है जो क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट किया है

भारत में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर आज अहम बैठक, इन प्रमुख मुद्दों पर संसदीय कमेटी करेगी चर्चा

नई दिल्ली। भारत में क्रिप्टोकरेंसी के मुद्दे को लेकर गहमा गहमी तेज हो गई है। बीते हफ्ते प्रधानमंत्री की अगुआई में 13 नवंबर को इस संबंध में बैठक हुई थी। अब आज फिर इस मुद्दे को लेकर संसदीय कमेटी बैठक करने जा रही है। कई रिपोर्टों के भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक विधेयक पेश कर सकती है। इसी को लेकर आज की बैठक में चर्चा होनी है। यह बैठक आज दोपहर तीन बजे होनी है।

बीते हफ्ते प्रधानमंत्री की अगुआई में हुई थी बैठक
क्रिप्टोकरेंसी को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सजग नजर आ रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में इस मुद्दे पर 13 नवंबर को बैठक हो चुकी है। इस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर विभिन्न देशों और दुनियाभर के विशेषज्ञों से इस बारे में परामर्श के बाद चर्चा की गई थी। अब सरकार ने इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेने के लिए मन बना लिया है।

शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर एक व्यापक विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, जिसे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, एक संसदीय समिति आज बंद दरवाजे के भीतर क्रिप्टो उद्योग के सभी पहलुओं पर विचार करके अहम फैसला ले सकती है। यह पहली बार है कि समिति ने क्रिप्टो उद्योग के हितधारकों को औपचारिक रूप से इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया है।

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आरबीआई ने क्रिप्टो को बताया है बड़ा खतरा
भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते हफ्ते अपने एक बयान में कहा था कि वर्चुअल करेंसी को लेकर आरबीआई की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हमें क्रिप्टोकरेंसी के बारे में प्रमुख चिंताएं भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य हैं, जो हमने सरकार को बताई हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को भी डिजिटल करेंसी को लेकर बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। यह एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है। दास ने कहा था कि ये किसी भी वित्तीय प्रणाली के लिए एक गंभीर खतरा हैं, क्योंकि वे केंद्रीय बैंकों द्वारा नियंत्रित नहीं हैं।

चीन में डिजिटल करेंसी पर लगा है प्रतिबंध
गौरतलब है कि चीन ने डिजिटल संपत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि रिपोर्ट की मानें तो आरबीआई की चेतावनी के बाद भी भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर एक नियामक के पक्ष में है। यानी भारत पूरी तरह से क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने के बजाय इसपर पैनी नजर रखेगा।

क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर टैक्स के संकेत
इससे पहले रेवेन्यू सेक्रेटरी ने एक कार्यक्रम के दौरान अपना पक्ष रखते हुए यह भी संकेत दिया था कि बिल में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर टैक्स लगाया जा सकता है। संभावना है कि अगर क्रिप्टोकरेंसी से कमाई होती है तो उस कमाई पर पूंजीगत लाभ कर लगाया जा सकता है।

एक बार फिर क्रिप्टो पर बोलीं निर्मला सीतारमण, बताया भारत में क्या है Cryptocurrency का भविष्य!

Finance Minister Nirmala Sitharaman on Cryptocurrency: वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) के दुरुपयोग को लेकर आशंका जताते है। भारत में क्रिप्टो का क्या भविष्य होगा उसके बारे में भी जिक्र किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Nirmala Sitharaman) ने क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) के भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य दुरुपयोग को लेकर आशंका जताते हुए कहा है कि भारत में डिजिटल मुद्रा (Digital Currency) के नियमों को लेकर सोच-विचार करके फैसाला लिया जाएगा। सीतरमण ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) के एक कार्यक्रम में क्रिप्टो करेंसी के भविष्य को लेकर बातचीत की। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने Stanford University के कार्यक्रम में कहा कि जल्दबाजी में क्रिप्टो पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। साथ ही कहा कि वो पहले तय करना है कि जो भी जानकारियां हैं उसी के आधार पर सही निर्णय लिया जाए। इसे लेकर कोई जल्दबाजी करना सही नहीं है, इसमें समय लगेगा। वित्त मंत्री ने ये भी स्पष्ट किया कि 'Blockchain' से जुड़ी प्रौद्योगिकी में नवाचार, उसे आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। सीतारमण ने कहा कि सरकार का इरादा कैसे भी क्रिप्टो से जुड़े नवोन्मेष प्रभावित करना नहीं है।

दुनिया के कई देशों की चिंताएं

कार्यक्रम में निर्मला सीतरमण ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कहा कि मनी लांड्रिंग या टेररिस्ट फाइनेंसिंग के लिए इसमें हेराफेरी भी हो सकती है। ये कुछ चिंताएं भारत के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों की चिंताएं हो सकती है। इसे लेकर विभन्न मंचों पर चर्चाएं भी की गई है।

गौरतलब है कि भारत सीबीडीसी यानी केंद्रीय बैंक के समर्थन वाली डिजिटल मुद्रा पेश करने की प्लानिंग में है। इस साल 2022 फरवरी में बजट 2022-23 को पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने भाषा में कहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक 2022-23 में डिजिटल रुपया या CBDC जारी करेगा। इसके साथ वित्त मंत्री ने HDFC बैंक और HDFC लिमिटेड के विलय के बारे में कहा भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य कि ये एक अच्छा कदम है। ऐसा इसलिए क्योंकि, भारत को बुनियादी ढांचे को लेकर बढ़ रही जरूरतों के कारण कई बड़े-बड़े बैंकों की जरूरत है।

भारत में बिटकॉइन का भविष्य क्या है? [2021] | Future of Bitcoin in India Hindi

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 31 मई को बैंकों से कहा कि वे अपने 2018 के आदेश का हवाला न दें, जो क्रिप्टोकरेंसी में काम करने वाले ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं से इनकार करने का कारण है. RBI ने कहा कि उसके 2018 के आदेश को मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था और बैंकों के लिए अब इस आदेश का हवाला देना अनुचित होगा – Future of Bitcoin in India Hindi.

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने बैंकों से कहा कि वे एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की रोकथाम से जुड़े नियमों के तहत क्रिप्टोकुरेंसी व्यापारियों पर अन्य उचित परिश्रम प्रक्रियाओं को जारी रखें.

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भारत में बिटकॉइन का भविष्य क्या है? – Future of Bitcoin in India Hindi

मुझे लगता है की अगर दुनिया के बड़े बड़े देश इसे अपनाएंगे तो अंततः भारत को भी बिटकॉइन को अपनाना होगा क्यूंकि भारत भी दुनिया के साथ नयी टेक्नोलॉजी को अपनाना चाहेगा लेकिन भारत सरकार इसपर नए कानून जरूर लागू करेगा – Future of Bitcoin in India Hindi.

RBI के 2018 के सर्कुलर में क्या कहा गया है?

अप्रैल 2018 में, RBI ने एक सर्कुलर जारी कर बैंकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि क्रिप्टोकरेंसी में काम करने वाले ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच की अनुमति नहीं है. निजी पार्टियों द्वारा जारी आभासी मुद्राओं की वैधता के बारे में आरबीआई के अधिकारियों के बीच संदेह के वर्षों के बाद सर्कुलर आया.

केंद्रीय बैंक ने बार-बार उन जोखिमों के बारे में चेतावनी दी है जो इन अनियमित निजी मुद्राओं से निवेशकों और वित्तीय प्रणाली (financial system) को प्रभावित करते हैं. बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन की सुविधा से रोककर, आरबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी में किसी भी महत्वपूर्ण रुपये के निवेश भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगा दिया.

SC ने RBI के 2018 के आदेश को बैंकों को क्यों उलट दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया बनाम आरबीआई पर अपने फैसले में आरबीआई के 2018 के सर्कुलर को पलट दिया. SC ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी की खरीद या बिक्री पर RBI इन मुद्राओं के व्यापार पर अधिक प्रतिबंध नहीं लगा सकता है. अदालत ने महसूस किया कि इस तरह के प्रतिबंध नागरिकों के किसी भी व्यापार को करने के मौलिक अधिकार में हस्तक्षेप करेंगे जिसे कानून के तहत वैध माना जाता है.

क्या यह RBI और सुप्रीम कोर्ट से क्रिप्टोकरेंसी के लिए मंजूरी की मुहर है?

नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने RBI के आदेश को पलटते हुए बस इतना कहा कि क्रिप्टोकरेंसी पर भारी प्रतिबंध लगाने के लिए फिलहाल कोई कानूनी आधार नहीं है. एक बार संसद में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून पारित होने के बाद, अदालत भविष्य में इस विचार को नहीं रख सकती है. दूसरी ओर, आरबीआई को मौजूदा स्पष्टीकरण जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है क्योंकि कुछ बैंकों ने हाल ही में ग्राहकों को क्रिप्टोकुरेंसी में काम करने से रोकने के लिए 2018 के परिपत्र (जो अब शून्य है) का हवाला दिया है.

वैधता को लेकर अनिश्चितता के कारण बैंक अपने ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी में सौदा करने देने से हिचक रहे हैं. इस बीच, केंद्र क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है.

भारत में बिटकॉइन का भविष्य क्या है?

क्रिप्टोक्यूरेंसी संशयवादियों का कहना है कि दुनिया भर की सरकारें अंततः सभी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा देंगी. उनका तर्क है कि सरकारें और उनके केंद्रीय बैंक पैसे पर अपनी एकाधिकार शक्ति को कमजोर नहीं होने देंगे.

भारत सरकार इस मामले पर परस्पर विरोधी संकेत देती रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मार्च में कहा था कि देश में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं होगा. लेकिन केंद्र जल्द ही आधिकारिक भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2021 के क्रिप्टोक्यूरेंसी और विनियमन (Law) को पेश करने की योजना बना रहा है, जिसमें कहा गया है कि सभी क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने वाले प्रावधान हैं. इस प्रकार, भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य अभी भी अधर में है – Future of Bitcoin in India Hindi.

विकास तिवारी इस ब्लॉग के मुख्य लेखक हैं. इन्होनें कम्प्यूटर साइंस से Engineering किया है और इन्हें Technology, Computer और Mobile के बारे में Knowledge शेयर करना काफी अच्छा लगता है.

Crypto Assets पर नहीं बनी सहमति, जानें क्या है केंद्र सरकार और RBI की राय

डिंपल अलावाधी

Crypto Assets: पिछले हफ्ते केंद्र और आरबीआई ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की थी।

Crypto Assets

  • केंद्र और RBI ने पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भारत में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर चर्चा करने के लिए बैठक की थी।
  • मौजूदा समय में एक बिटकॉइन की कीमत 65 हजार डॉलर से ऊपर है।
  • केंद्र सरकार और केंद्रीय बैंक एक-दूसरे से काफी सहमत नहीं थे।

Crypto Assets: पिछले हफ्ते डिजिटल मुद्राओं (Cryptocurrency) और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक-दूसरे से काफी सहमत नहीं थे। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में कई सरकारी विभागों ने क्रिप्टोकरंसी पर कुछ नियंत्रण के विचार का समर्थन किया, लेकिन मैक्रोइकोनॉमिक और वित्तीय स्थिरता की चिंताओं के मद्देनजर केंद्रीय बैंक ने प्रतिबंध की वकालत की।

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने फाइनेंशियल डेली को बताया कि केंद्र जल्द ही भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (Advertising Standards Council of India) से क्रिप्टोकरेंसी या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों के साथ सख्त वैधानिक चेतावनी के दिशानिर्देश जारी करने के लिए संपर्क कर सकती है। भारत में तेजी से बढ़ रहे क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी।

गंभीर चिंता है क्रिप्टोकरेंसी
इस बात पर भी चर्चा हुई कि अगर केंद्र उन्हें कर दायरे में लाना चाहता है तो किसी तरह की निगरानी की जरूरत है। मामले में एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि केंद्रीय बैंक की प्राथमिक चिंता यह थी कि आभासी मुद्राओं को नियमों के दायरे में लाना और इनपर कर लगाना मुश्किल हो हो सकता है। आरबीआई ने उल्लेख किया कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार में किसी भी उथल-पुथल की स्थिति में भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य सरकार और नियामकों की सार्वजनिक आलोचना होगी, जिसकी वजह से छोटे निवेशकों को पैसा खोना होगा। शीर्ष बैंक ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी एक 'गंभीर चिंता' है और यह भारत की व्यापक आर्थिक, वित्तीय और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता को चुनौती देता है।

जापान में अनुमति, चीन में पूर्ण प्रतिबंध
भारत उन देशों में से एक है जिसने अभी तक इस बारे में निर्णय नहीं लिया है कि आभासी मुद्राओं को अनुमति दी जाए या उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। जबकि जापान में इसकी अनुमति मिल गई है। वहीं चीन ने सभी क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।

65 हजार के ऊपर है बिटकॉइन की कीमत
आज coinmarketcap.com के अनुसार, शाम 5.25 बजे बिटकॉइन (Bitcoin Price in India) 2.05 फीसदी की तेजी के साथ 65,813.87 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा था। वहीं Etherium की कीमत 2.37 फीसदी ऊपर 4,724 डॉलर थी।

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